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शनिवार, 21 सितंबर 2019

भ्रष्ट पूर्वी दिल्ली नगर निगम पर मोदी सरकार की खामोशी के अर्थ?

मोदी सरकार जीरो टोलरेंस की बात तो करती है परंतु यह जीरो टोलरेंस केवल विपक्षी खेमे और विपक्षी सरकार पर ही लागू होता है। दिल्ली के तीनों नगर निगमों में पिछले एक दशक से भी अधिक समय से भाजपा का कब्जा है और जितना निगमों में भाजपा का कब्जा है उससे कहीं ज्यादा इन निगमों में भ्रष्टाचार का कब्जा है। तीनों निगम भ्रष्टाचार का स्वर्ग जैसे हैं। अवैध निर्माण की बात हो चाहे अतिक्रमण अथवा कूडे से बस्तियों को भर देने की भाजपा शासित तीनों नगर निगम एक से बढ़कर एक हैं परंतु इन सब में सबसे बड़ा चैंपियन है पूर्वी दिल्ली नगर निगम। यह इलाका इस बात का जीता जागता सबूत है कि किस प्रकार भ्रष्टाचारियों के बीच बेजोड तालमेल होता है।
पहले भी हमने इसके कईं उदाहरण दिये हैं। मौजूदा उदाहरण है 9ए के साथ की संपति 9डी के सामने 9बी सीताराम काॅम्पलेक्स मोतीराम रोड शाहदरा दिल्ली-110032। यह संपति पूर्वी दिल्ली नगर निगम द्वारा डीएमसी कानून के तहत बुक की गयी थी। परंतु लंबा समय बीत जाने के बाद भी इस संपति को डेमोलिश नही किया गया और इस प्लाट पर निर्माण कार्य पूरा हो गया। नगर निगम द्वारा संपति को बुक करने का अर्थ है कि उक्त संपति पर कोई बिजली और पानी कनेक्शन नही दिसा जायेगा और यदि पहले से कनेक्शन है तो उसे काट दिया जायेगा और इसके लिए नगर निगम बिजली और पानी विभाग को सूचित करेगा। उपरोक्त संपति की सूचना भी नगर निगम द्वारा बिजली, पानी विभाग और संबंधित विभागों को किये जाने के बारे में पूर्वी दिल्ली नगर निगम द्वारा सूचित करना बताया गया था। बावजूद इस कार्रवाई की खानापूर्ति के उपरोक्त संपति पर बिजली पानी के के कनेक्शन लग गये और संपति निर्मित होकर तैयार हो चुकी है।


यह उदाहरण बताता है कि किस प्रकार पूर्वी दिल्ली नगर निगम के इस भ्रष्टाचार में कितने विभाग किस हद तक शामिल हैं। यह सारे विभाग मिलकर शहर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण को हवा देने का काम कर रहे हैं। यदि आप शिकायत करें तो यह नक्कारखाने में तूती की आवाज सरीखा होने ज्यादा कुछ भी नही है। इसके बावजूद भाजपा शासित नगर निगम के नेता और उच्चाधिकारी और उनके राष्ट्रीय नेता खामोश हैं और भ्रष्टाचार के संरक्षक होने के बावजूद भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेंस के झूठे गीत गाते घुमते हैं।

MaharashtraElections2019 & HaryanaElections2019

Issue of Notification: 27 Sep Last Date of Nominations: 4 Oct Scrutiny of Nominations: 5 Oct Last date for withdrawal of candidature: 7 Oct Date of Polling: 21 Oct Counting: 24 Oct for both #MaharashtraElections2019 & #HaryanaElections2019

सोमवार, 26 अगस्त 2019

अवैध निर्माण का हब बनता पूर्वी दिल्ली नगर निगम और जीरो एक्शन की नीति

पूर्वी दिल्ली नगर निगम विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध निर्माण और अतिक्रमण विशाल हब बनता जा रहा है। पिछले दिनों हमने दो उदाहरण देकर बताया कि किस प्रकार अवैध निर्माण के इस अभियान को निगम के एक ईई बिल्डिंग-2 मिस्टर मीणा की कृपा से गति मिली। ऐसा भी नही है कि मीणा ही इस अभियान के एकमात्र और अधिकृत प्रमोटर हैं परंतु ईई-बिडिंग-2 का अस्थायी चार्ज लेने के बाद इस क्षेत्र में जबरदस्त उछाल आया था। अवैध निर्माण में इस उछाल का एक आंखें खोल देने वाला आला नमूना आपके सामने पेश है। इस आला नमूने का पता है खसरा नंबर 601, मोती राम रोड रामनगर, शाहदरा दिल्ली-110032 का प्लाट। अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार के इस आला नमूने केे महानायक भी पूर्वी नगर निगम के शाहदरा उत्तरी जोन के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर पी आर मीणा (ईई-बिल्डिंग-2) ही हैं। उनके द्वारा इस एरिया का चार्ज लेने के बाद इस प्लाॅट पर अवैध निर्माण की मानो बाढ़ ही आ गयी हो।

दरअसल, संपति संख्या 601, मोती राम रोड, रामनगर शाहदरा दिल्ली-110032 पूर्व में एक इंडस्ट्रियल प्लाॅट था। यह प्लाॅट जानी मानी सुदर्शन रोलिंग मिल की संपति था। जिसे बंद करके संपति मालिक ने बगैर लैंडयूज चेंज करवाये छोटे-छोटे टुकड़ों में बेच डाला था। इस प्लाॅट पर अवैध तरीके से निर्माण का पहला प्रयास 2010-11 में श्ुारू हुआ था और दो-तीन निर्माणों को लेकर मामला दिल्ली उच्च न्यायालय में जाने पर निर्माण कार्य या तो गिरा दिये गये अथवा सील कर दिये गये थे। जिन्हें कालांतर में संपति मालिकों ने विभिन्न तरीकों से सील खुलवाकर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था। 

अब इस प्लाॅट पर अवैध की दूसरी किस्त 2018 के मई-जून महीने में शुरू हुई थी। जिसकी विभिन्न व्यक्तियों द्वारा कईं शिकायतें की गयी। कागजों पर निर्माणाधीन संपति को बुक कर दिया गया। परंतु 2019 में जैसे ही पी आर मीणा ने ईई-बिल्डिंग-2 का चार्ज लिया तो मानो इस प्लाॅट पर अवैध निर्माणों की बाढ़ सी आ गयी। इस समय इस प्लाॅट पर कम से कम छह संपतियां अवैध तरीके से या तो निर्मित हो चुकी हैं अथवा निर्माणाधीन हैं। इस संपति निर्माताओं में वह बिल्डर भी हैं जिन्होंने 2011 में भी इस संपति पर अवैध निर्माण किया था। यहां तक इस अवैध निर्माण प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए इस प्लाॅट पर खडें कईं पेडों को सूखाकर खत्म कर दिया गया है। हाॅल ही में ऐसे एक शीशम के पेड को काटने की शिकायत संबंधित वन विभाग को की गयी है जिस पर विभाग ने संपति मालिक को कारण बताओ नोटिस जारी करने का दावा किया है।

इसके अलावा यहां पर मौजूद दरगाह के बगल में एक संपति का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और उसके साथ ही धर्मशाला के नाम पर एक बैंक्वेट हाॅल भी निर्माणाधीन है। साथ ही इस प्लाॅट पर एक गली जैसी बनाकर प्लाॅट के भीतरी इलाके में कईं छोटी संपतियां सर उठा चुकी हैं अथवा निर्माणाधीन हैं। परंतु जहां तक बात अवैध निर्माण की शिकायतों की है तो इन अवैध निर्माणों की कईं शिकयतें की गयी मगर नगर निगम के भ्रष्टाचार का एक सधा हुआ तरीका एक निश्चित खेल है। अवैध निर्माण को कारण बताओ नोटिस दो, छह महीनों के लिए सो जाओ और उसके बाद फिर शिकायत आये तो संपति को बुक कर दो। इत बीच में निर्माण कार्य पूरा हो जाता है। फिर भी किसी संपति पर कोई अधिक शिकायतें अथवा दबाव आये तो उसे सील कर दो अथवा काॅस्मेटिक डेमोलिशन कर दो। जिसमें तोडने वाली टीेम के जाते ही निर्माण फिर से शुरू हो जाता है अथवा दो तीन महीने सुस्ताने के बाद शुरू हो जाता है। निगम की इस कार्यप्रणाली से सभी भू-माफिया और बिल्डर माफिया वाकिफ होते हैं और उसी के अनुरूप कार्य चलाते जाते हैं। जिसका अर्थ है सब कुछ नार्मल बने रहना। इस कास्मेटिक तमाशे से ना बिल्डर को कोई दिक्कत होती है और निगम अधिकारियों की चाँदी रहती है।  
Delhi Development AuthorityVikas Sadan, New Delhi Grievance Details of Special Task Force(STF) - Demolition Drive
Refrence IDName of complainantPosted DateStatusDetails of GrievanceOfficer NameIssue Number
SNS2019021981Kalimuddin19/02/2019UnderProcessThrough this complaint, I want to point out that without changing land use of industrial property unauthorized constructions have been and in being made at plot no. 600, (Sudharshan Rolling Mill plot) Moti Ram Road, Ramnagar Shahdra. Complaint of this illegal construction has been made already to the DC office of EDMC Shahdra North Zone but the municipal authorities are not taking action of demolition and/or scaling of unauthorized construction as per law. I hope Special Task Force will take immediate and strict action against plot owners and the builders. An appropriate action is required on this illegal construction complaint as well as concerned EDMC officials, those responsible for the negligence and this illegal construction. I am enclosing the photo of construction site along with my complaint. Kindly take an immediate action against the illegal construction.Premveer Singh,Shahdra North Ex.Engr(B)II20190213273
 Action Taken Details
Refrence IDReply DateReplied ByRemarksTransfered toOthers DetailsStatus
SNS201902198120/02/2019Sh. Vipin Kumar, Executive Engineer(B)HQO P Ojha (Shahdra North Ex.Engr(B)II)Transfered
SNS201902198128/04/2019Sh. Pinno Ram Meena, Shahdra North Ex.Engr(B)IIFURTHER ACTION WILL BE TAKEN AS PER DMC ACTUnderProcess

इसका सबसे बड़ा उदाहरण मोती राम रोड शहदरा दिल्ली-110032 को 601 नंबर का सुदर्शन रोलिंग मिल प्लाॅट है। जिसकी अनेकों शिकयतें आफ लाइन और आनलाइन एसटीएफ और नगर निगम को दी गयी हैं। परंतु कार्यवाही तो छोडिये पूर्वी दिल्ली नगर निगम के उच्चाधिकारियों के कान पर जूं तक नही रेंग रही है। बल्कि अधिक शिकायतें आने पर अधिक आमदनी होती है तो ऐसे में निगम अधिकारी शिकायतें मिलने पर खुश ही रहते हैं। यदि इन निगम अधिकारियों की जवाबदेही तय करके उनके खिलाफ र्यावाही की जाती तो शायद अवैध निर्माण की ऐसी बाढ़ दिल्ली में नही आती। एसटीएफ चैयरमेन से कईं बाद पी आर मीणा के मामले में जांच समिति गठित करने की मांग विभिन्न माध्यमों से की गयी है परंतु डीडीए वाइस चैयरमेन, निगमायुक्त और उपराज्यपाल कार्यालय सभी इस मामले में कार्यवाही से बचते रहे हैं। 
Delhi Development AuthorityVikas Sadan, New Delhi Grievance Details of Special Task Force(STF) - Demolition Drive
Refrence IDName of complainantPosted DateStatusDetails of GrievanceOfficer NameIssue Number
SNS201807317Mahesh31/07/2018UnderProcessThrough this complaint, I want to point out that unauthorized construction has been and in being made at plot no. 601, (Sudharshan Rolling Mill plot) Moti Ram Road, Ramnagar Shahdra. Complaint of this illegal construction has been made already to the DC office of EDMC Shahdra North Zone but the municipal authorities are not taking action of demolition and/or scaling of unauthorized construction as per law.Premveer Singh,Shahdra North Ex.Engr(B)II2018073441
 Action Taken Details
Refrence IDReply DateReplied ByRemarksTransfered toOthers DetailsStatus
SNS20180731711/08/20189891535484No Action Has Been Taken Yet By The Concerned Officials Even Illegal Construction Started Rapidly After Filling The Complaint. After Filling One RTI We EDMC Informed Us That Construction Is Taking Place Without Any Permission. EDMC Giving This Information But Not Taking Any Action. Actually Mentioned Property Is A Industrial Plot And No Construction Can Take Place Without Changing Land Use Even Then Arbitraryconstruction Is Going On. I Think Officials Of EDMC Is Waiting For Completion Of Work For Any Action.Commented By Complainant
SNS20180731725/09/20189891535484Why STF Do Not Want To Take Any Action Grievances. What Is The Meaning Of Formation Of This STF. Is It A Eyewash For Supreme Court. If EDMC Offficials Are Not Taking Action, Why STF Do Not Take A Action Against Such Officials.Commented By Complainant
SNS20180731724/11/20189891535484Kindly Give Me The Details Of Action Taken Report On My Complaint. I Do Not Think That Any Action Has Been Taken By The Concern Authorities.Commented By Complainant
SNS20180731707/02/2019Sh. Vipin Kumar, Executive Engineer(B)HQO P Ojha (Shahdra North ¿ Ex.Engr(B)II)Transfered
SNS20180731729/04/2019Sh. Pinno Ram Meena, Shahdra North Ex.Engr(B)IIFurther Action Will Be Taken As Per DMC ACT, 1957UnderProcess
SNS20180731729/04/2019Sh. Pinno Ram Meena, Shahdra North Ex.Engr(B)IIFurther Action Will Be Taken As Per DMC Act.UnderProcess
SNS20180731729/04/2019Sh. Pinno Ram Meena, Shahdra North Ex.Engr(B)IIFurther Action Will Be Taken As Per DMC Act.UnderProcess
SNS20180731724/06/20199891535484I Filed Complaint Against The Property No. 601 Moti Ram Ram Road Almost One Year Back On 31 July 2018 And EDMC Instead Taking Action Against Illegal Constructions Allowed At Least Six More Illegal Constructions On The Same Property Without Land Use Change Of This Industrial Plot. The Process Of Illegal Constructions Has Been Accelerated After Taking The Charge Of Mr. P R Meena. Properties Are Being De-Sealed And New Illegal Constructions Are Taking Place After Each And Every Complaint Filed By Any Complainant. Kindly Constitute Inquiry Committee Against Mr. Meena As Mentioned In STF Notification Or Disband The STF Without Any Delay.Commented By Complainant

इन अवैध निर्माणों को जारी करने में यहां तक बेशर्मी की जा रही है कि हरित ट्रिब्यूनल के दिशा निर्देशों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करते हुए इस इमारत और निर्माण के काम में आने वाले बिल्डिंग मैटिरीयल को भी कवर नही किया जा रहा है। इस निर्माण की शिकायत केवल नगर निगम ही नही बल्कि एसटीएफ और विभिन्न ग्रिवेंसिस कमीशन्स और विभागों को भी की जा चुकी है। पंरतु यह समझना मुश्किल ही नही बल्कि असंभव है कि जीरो टोलरंस नीति भ्रष्टाचार के खिलाफ है अथवा भ्रष्टाचार की शिकायतों को ना सुनने और उन पर आंख मूंदने को लेकर जीरो टोलरेंस की नीति है। यह नीति जीरो टोलरेंस नही बल्कि जीरो एक्शन ऑन क्रप्शन होनी चाहिए थी। पिछले तीन महीने से यह शिकायत एसटीएफ में है परन्तु अंडर प्रोसेस के अलावा कोई कार्रवाई नहीं हुई है!

बुधवार, 21 अगस्त 2019

भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस अथवा जीरो एक्शन की नीति?


अब हम बारी बारी से पूर्वी दिल्ली नगर निगम के भ्रष्टाचार की शानदार, जानदार और अनूठी कहानियों की कडी में अगली कहानी है लोनी रोड पर एक जमाने से सील पडी संपति के अचानक खुल जाने और बडी इमारती लकडी की दुकान बन जाने की। इस कडी में दूसरी कहानी के नायक भी पूर्वी नगर निगम के शाहदरा उत्तरी जोन के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर पी आर मीणा (ईई-बिल्डिंग-2) ही हैं। सील संपति को डी-सील कर दिये जाने का यह दूसरा कारनामा भी पी आर मीणा के क्षेत्र में ही आता है।
संपति संख्या 641/बी/2 लोनी रोड, रामनगर दिल्ली-110032 को फाइल संख्या 433/बी11/यूसी/एसएच-एन/2016 के तहत 20/12/2016 को बुक किया गया था। इस संपति को बाद में 20/05/2017 को जूनियर इंजीनियर श्री जे पी जयसवाल के निरीक्षण में सील कर दिया गया था। परंतु यह सभी के लिए आश्चर्य का मसला था यह संपति अचानक डी-सील हो गयी और इस पर काम भी आरंभ हो गया। 
पिछली संपति की तरह इस संपति पर अवैध निर्माण की जानकारी विभाग को दी गयी यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित एसटीएफ को भी आनलाइन इसकी सूचना दी गयी परंतु कार्यवाही तो छोडिये पूर्वी दिल्ली नगर निगम के उच्चाधिकारियों के कान पर जंू तक नही रेंग रही है। 
इस अवैध निर्माण को जारी करने में यहां तक बेशर्मी की जा रही है कि हरित ट्रिब्यूनल के दिशा निर्देशों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करते हुए इस इमारत और निर्माण के काम में आने वाले बिल्डिंग मैटिरीयल को भी कवर नही किया जा रहा है। इस निर्माण की शिकायत केवल नगर निगम ही नही बल्कि एसटीएफ और विभिन्न ग्रिवेंसिस कमीशन्स और विभागों को भी की जा चुकी है। पंरतु यह समझना मुश्किल ही नही बल्कि असंभव है कि जीरो टोलरंस नीति भ्रष्टाचार के खिलाफ है अथवा भ्रष्टाचार की शिकयतों को ना सुनने और उन पर आंख मूंदने को लेकर जीरो टोलरेंस की नीति है। यह नीति जीरो टोलरेंस नही बल्कि जीरो एक्शन ऑन क्रप्शन होनी चाहिए थी। पिछले तीन महीने से यह शिकायत एसटीएफ में है परन्तु अंडर प्रोसेस के अलावा कोई कार्रवाई नहीं हुई है!
इस पूरे मामले का सबसे रोचक पहलू नगर निगम द्वारा की गयी कार्रवाई है जो इस बात की गवाही देती है कि निगम अधिकारी खासतौर पर पी आर मीणा ने किस प्रकार इस मामले को अंजाम दिया था और अब उनकी जगह आये नए एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बी -२ भी किस प्रकार मीणा और सम्पति मालिक के हितों  के अनुरूप कार्य कर रहे है! जब निगम की उपरोक्त करतूत के खिलाफ शिकायते आयी तो सम्पति मालिक के खिलाफ सील टेम्परिंग की एफआईआर कर दी गयी मगर सम्पति को ना सील किया गया ना डेमोलिश किया गया ! मामला साफ़ है की यह सम्पति को कार्रवाई से बचाने के लिए कार्रवाई का तमाशा भर है ! जबकि इसी तरह के एक मामले में निगम के इन्ही अधिकारियों ने मानसरोवर पार्क में ए -13 नंबर सम्पति को री-सील किया है ! इससे जाहिर है कि किस प्रकार का खेल मीणा जैसे अधिकारी नगर निगम में चला रहे हैं  !
नीचे दोनों मामले और उनपर की गयी कार्रवाई के सबूत एसटीएफ की दो एक्शन टेकन रिपोर्ट में देख सकते हैं! जिसमें एक कार्रवाई में केवल बिल्डिंग री -सील की गयी है और ऍफ़आईआर से छूट दी गयी तो दूसरे मामले में केवल ऍफ़आईआर हुई है और सम्पति को खुला छोड़ दिया गया है ! जिस सम्पति पर अब एक बड़ा इमारती लकड़ी का शोरूम खड़ा हो गया है ! यह दो उदाहरण मीणा जैसे निगम अधिकारियों की खुली मनमानी का सबूत हैं ! जिस कारण इडीएमसी अराजक अवैध निर्माण का एक बड़ा हब बनता जा रहा है !

Delhi Development AuthorityVikas Sadan, New Delhi Grievance Details of Special Task Force(STF) - Demolition Drive
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SNS2019060313Kalimuddin03/06/2019FinalActionProperty no. 641 B/2 Main Loni Road Shahdara Delhi is booked vide file no. 433/B11/UC/SH-N/2016 dated 20/12/2016. And this property has been sealed by the EDMC dated 20/05/2017 under the supervision of JE Mr. J P Jaisval, but it was very surprising for me that recently property has been de-sealed and construction started insied the above mentioned property. I could not understand at what basis prperty has been de-sealed and property de-sealed after taking charge of Mr. P R Meena as EE-(B)11. And it is very mysterious fo everybody in the area.Premveer Singh,Shahdra North Ex.Engr(B)II20190620356
 Action Taken Details
Refrence IDReply DateReplied ByRemarksTransfered toOthers DetailsStatus
SNS201906031304/06/2019Vipin Kumar, Executive Engineer(B)HQPinno Ram Meena (Shahdra North Ex.Engr(B)II)Transfered
SNS201906031304/06/2019Sh.Vipin Kumar (Executive Engineer (B)HQ)Sh. Phinno Ram Meena(Shahdra North ? Ex.Engr(B)II)Transferred
SNS201906031316/08/2019Pinno Ram Meena, Shahdra North Ex.Engr(B)IIProperty Was Sealed, FIR Was Lodged For Tampering The Seal. Further Action Will Be Taken As Per DMC Act, 1957FinalAction
SNS201906031322/08/20197838040025FIR Has Been Filed For The Tempering Of Seal But Property Has Not Been Re-Sealed. Which Shows The Involvement Of Building Department In De-Sealing Of Property. Kindly Constitute The Inquiry Committee Against JE And EE Of Concerned Area As Well As Mr. P R Meena.Commented By Complainant


Delhi Development Authority
Vikas Sadan, New Delhi
Grievance Details of Special Task Force(STF) - Demolition Drive
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SNS2019072973Kalimuddin29/07/2019FinalActionI beg to draw your kind attention about a serious unauthorized/illegal construction at property nno. A-13 Mansarovar Park Shahdara, Delhi-110032 is being carried out after de-sealing the sealed property without any legal approval. Property owner/builder constructing fifth floor of the building which is against the plans of building bye-law. Kindly take action against property owner and as well as concern officials too.Premveer Singh,Shahdra North Ex.Engr(B)II20190723824
Action Taken Details
Refrence IDReply DateReplied ByRemarksTransfered toOthers DetailsStatus
SNS201907297330/07/2019Vipin Kumar, Executive Engineer(B)HQPinno Ram Meena (Shahdra North Ex.Engr(B)II)Transfered
SNS201907297316/08/2019Pinno Ram Meena, Shahdra North Ex.Engr(B)IIPROPERTY HAS BEEN RE-SEALEDFinalAction
एसटीफ, पूर्वी नगर निगम, उपराज्यपाल सचिवालय की इस मामले में सुस्ती का अर्थ साफ है कि यह निगम अधिकारियों को बचाने और संपति मालिक को बचाने की योजना है। क्यों नही निगम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होती है। यदि निगम सही में ईमानदार है तो उसे इस अवैध निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करके उनके खिलाफ कार्यवाही करनी होगी, जैसा कि एसटीएफ के नाॅटिफिकेशन में घोषित किया गया था। प्रधानमंत्री कार्यालय को भाजपा शासित नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करते हुए एक मिसाल कायम करनी चाहिए ! 

मंगलवार, 20 अगस्त 2019

दिल्ली नगर निगम के भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस सरकार खामोश क्यों?


दिल्ली के तीनों नगर निगमों में यदि यह मुकाबला हो जाए कि सबसे अधिक भ्रष्ट कौन तो आपको यह तय करना मुश्किल हो जायेगा कि आप किसे जितायें। भ्रष्टाचार के मामले में तीनों निगम एक से बढ़कर एक हैं। परंतु भ्रष्टाचार की इस अनूठी प्रतिस्पर्धा में भी पूर्वी दिल्ली नगर निगम बाकि से थोडा बढत लियए हुए है। और इस पर कमाल यह है कि भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस की बात करने वाली भाजपा का पिछले तीन कार्यकाल से तीनों निगमों पर कब्जा है। अब हम बारी बारी से पूर्वी दिल्ली नगर निगम के भ्रष्टाचार की शानदार, जानदार और अनूठी कहानियों से अवगत करायेंगे। इस कडी में पहली कहानी है पूर्वी नगर निगम के शाहदरा उत्तरी जोन के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर पी आर मीणा (ईई-बिल्डिंग-2) के कार्यक्षेत्र के मानसरोवर पार्क की। 
ए-13, मानसरोवर पार्क शाहदरा दिल्ली-110032 एक ऐसी इमारत है जिसे 13/10/2010 को फाइल संख्या 189/बी/यूसी/एसएच-एन/2010 के आदेश के तहत बुक किया गया था और बाद में 22/7/2011 को सील कर दिया गया था परंतु अभी पिछले कुछ महीने पहले इस बिल्डिंग को डी-सील कर दिया गया और इस पर फिर से निर्माण कार्य शुरू हो गया। अनेकों संगठनों और व्यक्तियों ने इस निर्माण और डी-सील किये जाने की शिकायत की यहां तक कि इस क्षेत्र के कार्यकारी अभियंता की भी शिकायत की गयी परंतु पूर्वी दिल्ली नगर निगम के उच्चाधिकारियों के कान पर जंू तक नही रेंग रही है। 

इस अवैध निर्माण को जारी करने में यहां तक बेशर्मी की जा रही है कि हरित ट्रिब्यूनल के दिशा निर्देशों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करते हुए इस इमारत और निर्माण के काम में आने वाले बिल्डिंग मैटिरीयल को भी कवर नही किया जा रहा है। इस निर्माण की शिकायत केवल नगर निगम ही नही बल्कि एसटीएफ और विभिन्न ग्रिवेंसिस कमीशन्स और विभागों को भी की जा चुकी है। पंरतु यह समझना मुश्किल ही नही बल्कि असंभव है कि जीरो टोलरंस नीति भ्रष्टाचार के खिलाफ है अथवा भ्रष्टाचार की शिकयतों को ना सुनने और उन पर आंख मूंदने को लेकर जीरो टोलरेंस की नीति है। 
एक्शन टेकन रिपोर्ट दिखाती है कि संपत्ति को 5/8/2019 को फिर से सील कर दिश गया है परंतु इस संपति को डी-सील करने पर क्या कार्रवाई विभागीय अधिकारियों और संपति मालिक के खिलाफ हुई है। यह नही बताया गया है। इसका अर्थ साफ है कि यह निगम अधिकारियों को बचाने और संपति मालिक को बचाने की योजना है। क्यों नही निगम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होती है। यदि निगम सही में ईमानदार है तो उसे इस अवैध निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करके उनके खिलाफ कार्यवाही करनी होगी।  
SNS201907213822/07/2019Vipin Kumar, Executive Engineer(B)HQSri Mandir (Ex. Engg. (B)-I, Shah. South Zone)Transfered

SNS201907213823/07/2019Sri Mandir, Ex. Engg. (B)-I, Shah. South ZonePertains To EE(B)-II/Shahdara North Zone.Pinno Ram Meena (Shahdra North Ex.Engr(B)II) (Grid)Transfered

SNS201907213818/08/2019Pinno Ram Meena, Shahdra North Ex.Engr(B)IIProperty Was Re-Sealed On 05.08.2019FinalActionNOYES
Property Demolished :No

Property Sealed : Yes,05/08/2019

Encroachment : No

Enforcement :No

No Action Required : No,

Other Action :No0

Transfer to : ,

बुधवार, 26 जून 2019


मनुवाद, ब्राहमणवाद पर महेश राठी के हमलों की श्रंखलाः क्या है लव जेहाद का सच 




मनुवाद, ब्राहमणवाद पर महेश राठी के हमलों की श्रंखला 




https://www.youtube.com/watch?v=bbJGbKj1L0o